Wednesday, March 7, 2012


तब-जब  बातें एक कविता में, ढलने से रह जाती है...
और पन्नो पे स्याही चंद उलझती, लकीरों में बह जाती है|
बावजूद इसके की हम उन ख्यालों से बाहर, आ नहीं पाते...
भावनाओ के मोती शब्दों के सागर में, समां नहीं पाते|
इस दौर से भी गुजरो नहीं, जिक्र जिसका 'उस किताब' में...
जहाँ कविता डूब जाती है, चंद सवालों के जबाब में|

Monday, September 27, 2010

To Friends.......

Through the windows of past,
the mind travels very fast....
In a way, that is weird,
and footsteps are barely heard...
The anger I couldn't control,
despite efforts, the words did roll..
and I still regret my anger,my words,
...
as my love dressed in disguise,
remained unexpressed , I wasn't so wise...
The joy that, I could have got
when I was taking stress a lot..
I want..
No anger, stress, no fear in heart
I want to clean that layer of dirt...
In positive direction, I want to align
I want some nice, pictures in line..
And when I plea..
God lets me see..
Those friends with me, with my stress
shouting and laughing , in strangest ways...
the fears that hit me the most
now seem nothing but imaginary ghost..
the words for which, I felt sorry
the more I thought, the more I grieved..
gave strength and maturity
that friendship could have rarely achieved..
You hold me tight when I was weak
with all strength wen couldn't speak..
You were sent by God to me
am thankful to Him for His mercy..

And now whenever I see the sky..
I think people always tell a lie..
that no one remembers the good old friends,
still.. u can't forget, neither can I...
And now whenever I see the sky.
I see....
So capricious are some pictures
so pleasant and so divine..
Washing out my soul's worries
close to the very heart of mine....

Thursday, August 5, 2010

चन्द दिल की बातें तुझसे कह गया कोई, लोग आज भी समझतें है मैंने शायरी की थी|...Dedicated to U

उम्मीदों के दामन को हमेशा बचाए रखना|
कुछ फूल अरमान के उसपे हमेशा चढ़ाये रखना|
भले ही टूट जाये तेरी किस्मत के सितारे,
सूरज में अपना बिश्वास बनाये रखना|
अश्कों के बिना तो ये ज़िन्दगी अधूरी है,
बस हौसलें न टूटे ये दुआएं रखना|
कोई ऐसा भी मिलेगा जिसे परवाह न हो तुम्हारी,
"इसकी परवाह न करो" ये दिल को समझाए रखना|
वो बात कहने का कौन जाने मौका न मिले फिर,
बेमौके ही ये बात उन्हें बताये रखना|
ये 'छोटी-सी ज़िन्दगी' है यूँ ही गुज़र जाएगी,
कोई 'बड़ी सी बात' न दिल से लगाये रखना|

Wednesday, August 4, 2010

To U ......

प्राणप्रिये,
तेरे बारे में लिखने को मैं, जब plane पेपर  उठाता हूँ |
खुदा कसम लिख नहीं पाता , बड़ा centi हो जाता हूँ|
रूम में बैठा रहता हूँ हर वक़्त, कोई मखाऊ  कोई पीसमारु कहता है|
उन्हें क्या पता कोई तेरे लिए, २४ घंटे online रहता है|
क्लास में बैठकर मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ|
मुझे मग्गू न समझना, मैं तुझसे प्यार करता हूँ|
तमाम societies join करने का tempo, inspiration मैंने तुझी से पाया है|
अब कैसे कहूं की जनता कहती  हैं, तुने मुझे छग्गी बनाया है|
लाख funda देते है पर, लव का funda किसी सीनीअर के पास नहीं|
कितना थक गया हूँ fight मारते-मारते, तुझको थोडा सा भी एहसास नहीं|
क्या करूँ अब तो DC भी रास नहीं आता|
Movies की बात छोड़ दो, कुछ भी मन को नहीं भाता|
फ्रुस्त्त हो गया हूँ बेकार हो गया हूँ,
Illu की तरह खोया-२ सा, त्यौहार हो गया हूँ|
बैठा रहता हूँ loaded सा क्लास में,
Prof.  की  नजर में समझदार हो गया हूँ|
एक request है लव के huha ब्रेड्थ में, मेरा फक्का मत लगाना|
kgp के इस ISHTUD पे बस इतना रहम खाना|